हैंड सैनिटाइजर : इस्तेमाल ,फायदे और नुकसान

Hand Sanitizer: Know the Pros, Cons, Myth & Facts
Hand sanitizers are very popular now a days. Companies are claiming 99.99% effectiveness. is it true?
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लॉकडाउन से पहले तक जिन्दगी कितनी तेज रफ़्तार हो चली थी। मैं सुबह तड़के ऑफिस को निकलता था और शाम के अँधेरे में ही फिर घर का रास्ता नाप पाता था।पर अब जब से कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा चीजें काफी बदल गई। मैं अब घंटो बालकनी में बैठकर बाहर देखता रहता हूँ। कभी कभी लोग छत पर या सड़कों पर दिखते हैं पर किसी जरूरी काम के लिये ही। पर एक चीज हर किसी में अक्सर देखने को मिलने लगी है। कोरोना का डर और उसके खात्मे के लिए साफ-सफाई पर जोर।

बड़े-बूढ़े या बच्चे ,सब ये हमेशा ध्यान दे रहे हैं कि उनके हाथ में ये खतरनाक वायरस न हो। और अगर गलती से आ भी जाए तो हैंड सैनिटाइजर से उसे वो ख़त्म कर पाएं।

हैंड सैनिटाइजर देखते ही देखते रामबाण बन कर उभरा है। आज हर एक बड़ी कंपनी इसका उत्पादन कर रही है। और ये दावा भी कर रही है कि ये 99.99% वायरस को मारने में सफल रहता है।

इसके इतने कारगर दावों  ने ही मुझे इसके प्रति आकर्षित किया और थोड़ा बहुत शक करने की वजह भी दी।

और जो कुछ तथ्य में इसके बारे में जान पाया उन्होंने मुझे सच में अचरज में डाला। वही तथ्य अब आपके सामने रख रहा हूँ।


हैंड सैनिटाइजर(Hand Sanitiser) में क्या होता है ?

किसी भी हैंड सैनिटाइजर में मुख्य तत्व अल्कोहल  होता है . जिसकी मात्रा लगभग 60% से अधिक होने पर ही हैंड सैनिटाइजर कारगर माना जाता है. इतनी अधिक मात्रा वायरस के प्रभाव को तुरंत समाप्त करने के लिए आवश्यक है.  किसी भी  हैंड सैनीटाइज़र  में एथेनॉल(Ethanol ) या आइसोप्रोपिल अल्कोहल(Isopropyl  Alcohol or  Rubbing Alcohol ) पाया जाता है।

मेथेनॉल से बने  हैंड सैनीटाइज़र फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकते हैं इसलिए मेथेनॉल इसके लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता. इसके अलावा ग्लीसरीन , हाइड्रोजन पेरोक्साइड (Hydrogen peroxide) और आसुत जल(Distilled Water ) का प्रयोग किया जाता है।


क्या हैंड सैनिटाइजर 99.99% असरदार होता है ?

आपने अक्सर किसी विज्ञापन में सुना होगा कि किसी कंपनी का हैंड सैनिटाइजर  99.99% कीटाणुओं का नाश करता है। और लगभग यही दावा हर कंपनी कर रही होती है। पर सच में ऐसा होता नहीं है। तो क्या ये सब विज्ञापन झूठे होते हैं ?

नहीं। पर इनका सच असल में आधा सच होता है।

असल में इन कंपनियों के  99.9% कीटाणुओं का नाश करने वाले प्रयोग लैब के नियंत्रित परिस्थितियों में और किसी निर्जीव सतह में होते हैं। पर अगर हम अपने हाथ की संरचना देखें तो वो काफी जटिल संरचना है। तो अगर यही प्रयोग हाथों पर किया जाए तो परिणाम कुछ अलग ही आएंगे। असल जीवन में हम जितने वायरस के संपर्क में आते हैं वो लैब टेस्ट के संतुलित वातावरण से काफी गुना बढ़कर होते हैं।

इसीलिए  हैंड सैनिटाइजर के 99.99% के दावे के ऊपर ‘कंडीशन एप्लाइड’ का निशान बना होता है।


क्या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल सुरक्षित है?

पानी और साबुन के आभाव में  हैंड सैनिटाइजर एक अच्छा विकल्प बन कर उभरा है। WHO भी कोरोना काल में इसके अल्कोहल युक्त विकल्प को अपनाने की सलाह देता रहा है। पर इसे पानी और साबुन की उपलब्धता होने पर भी प्राथमिकता देना ठीक नहीं है और इसके कारण भी है:

How safe are these hand sanitiser?
अधिकतर हैंड सैनिटाइजर में  रबिंग अल्कोहल(isopropyl alcohol) होता है जो अच्छे से हाथों  में रगड़ लेने  पर कुछ समय में हाथों से निकल जाता है। परन्तु अगर ये मुँह या नाक में प्रवेश करे तो  इसका शरीर में इसका  विषैला प्रभाव होता है।
एथनॉल शरीर के लिए हानिकारक नहीं होता है परन्तु अगर  सैनिटाइजर  एथनॉल से भी बने हो ,उनमे मौजूद बाकी केमिकल उसे विषैला बना सकते हैं।
अगर हाथ में किसी प्रकार की चिकनाई है तो हैंड सैनिटाइजर  का प्रभाव कीटाणुओं पर नहीं पड़ता क्योंकि  हैंड सैनिटाइजर  केवल ऊपरी सतह तक सीमित रह जाता है और कीटाणु भीतरी सतह में चिपके रह जाते हैं।
हैंड सैनिटाइजर में अल्कोहल की काफी ज्यादा मात्रा है जिसका अत्यधिक प्रयोग बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है।

हैंड सैनिटाइजर कैसे काम करता है?

हैंड सैनिटाइजर शरीर में मौजूद सूक्ष्म जीवों की कोशिकाओं को नष्ट करने का काम करते हैं।ये शरीर की कोशिकाओं को नुकसान  नहीं पहुंचाते। 70% अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर 100% अलकोहल से भी ज्यादा कारगर होता है और उसकी वजह इसमें मौजूद जल होता है।

हैंड सैनिटाइजर में मौजूद अल्कोहल  वायरस की बाहरी ढांचों पर प्रहार कर उन्हें नष्ट करता है. बैक्टीरिया को ख़त्म करने के लिए ये उनके सतह की कोशिकाओं को नष्ट करता है.


मुख्य बिंदु 

  • हैंड सैनिटाइजर  के  99.9 % कीटाणु नाश  करने  के दावे पूर्णतया सत्य  नहीं होते हैं।
  • हाथ धोने के लिए जितना हो सके पानी और साबुन का प्रयोग करना  चाहिए।
  • लगातार हैंड सैनिटाइजर  का प्रयोग शरीर के लिए खतरनाक भी हो सकता है।
  • बच्चों के लिए अल्कोहल उक्त हैंड सैनिटाइजर का अधिक प्रयोग अच्छा नहीं होता।
  • अगर हैंड सैनिटाइजर में मेथेनॉल हो तो उसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। केवल एथेनॉल या आइसोप्रोपिल  युक्त हैंड सैनिटाइजर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

Source
https://www.utoronto.ca/news/do-hand-sanitizers-really-work

https://www.healthline.com/health-news/fda-says-avoid-9-hand-sanitizers-that-contain-toxic-methanol

https://www.thoughtco.com/alcohol-versus-ethanol-3976082

https://www.thoughtco.com/hand-sanitizers-vs-soap-and-water-373517

https://www.britannica.com/topic/hand-sanitizer


Bhupesh Pant

Writing is not just a passion but a lifestyle for me. I see a story in everything. I am on a journey to uncover stories in my own way.

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